खेतों में पहुंचे कलेक्टर: मशरूम और सब्जियों की व्यावसायिक खेती देख हुए गदगद, किसानों को दिया 'बड़े प्रोजेक्ट' का मंत्र

खेतों में पहुंचे कलेक्टर: मशरूम और सब्जियों की व्यावसायिक खेती देख हुए गदगद, किसानों को दिया 'बड़े प्रोजेक्ट' का मंत्र


 डिजिटल सिंगरौली न्यूज़ डेस्क:सिंगरौली को कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए कलेक्टर श्री गौरव बैनल अब स्वयं खेतों की मेड़ तक पहुँच रहे हैं। शनिवार को कलेक्टर ने जिले के प्रगतिशील किसानों के बीच पहुँचकर उन्हें पारंपरिक खेती छोड़कर व्यावसायिक खेती (Commercial Farming) और मशरूम उत्पादन के लिए प्रेरित किया।

कचनी में मशरूम उत्पादन की सराहना

कलेक्टर ने ग्राम कचनी पहुँचकर किसान पुष्पेंद्र कुशवाहा की मशरूम उत्पादन यूनिट का बारीकी से अवलोकन किया। पुष्पेंद्र ने बताया कि वे बटन और ओएस्टर मशरूम का सफल उत्पादन कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।

  • बड़ा प्रोजेक्ट: कलेक्टर ने पुष्पेंद्र की मेहनत की सराहना करते हुए निर्देश दिए कि स्व-सहायता समूह की महिलाओं को जोड़कर एक बड़ा मशरूम प्रोजेक्ट तैयार करें।

  • सरकारी सहयोग: उन्होंने भरोसा दिलाया कि एकीकृत बागवानी विकास मिशन या सीएसआर (CSR) मद से जिला प्रशासन पूरा सहयोग करेगा और मशरूम पाउडर जैसे उत्पादों के लिए मार्केट भी उपलब्ध कराएगा।

करौटी और ओरगाई में सब्जियों की खेती का जायजा

इसके बाद कलेक्टर ग्राम ओरगाई पहुँचे, जहाँ उन्होंने किसान आशीष और परमानंद द्वारा बड़े पैमाने पर की जा रही टमाटर, मटर, लौकी और मिर्च की खेती को देखा।

  • आधुनिक सिंचाई: किसानों ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 'ड्रिप इरिगेशन' (टपक सिंचाई) से उन्हें बेहतर पैदावार मिल रही है।

  • बाजार की समस्या का समाधान: जब किसानों ने उचित मूल्य न मिलने की बात कही, तो कलेक्टर ने उन्हें आश्वस्त किया कि सब्जी विक्रय के लिए मंडी के साथ-साथ जिले की बड़ी औद्योगिक कंपनियों (NCL, NTPC आदि) में भी अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

गांवों में लगेगी आधुनिक कृषि कार्यशाला

कलेक्टर ने मौके पर मौजूद उद्यानिकी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए:

  1. तकनीकी ज्ञान: कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों के माध्यम से ग्राम स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित करें ताकि किसान नवीन तकनीकों को सीख सकें।

  2. विविधीकरण: किसानों को सब्जियों के साथ-साथ फलदार पौधों (आम, अमरूद) और फूलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करें।

  3. मृदा परीक्षण: उद्यानिकी का रकबा बढ़ाने के लिए मिट्टी का परीक्षण और जल उपलब्धता सुनिश्चित कर नए प्रोजेक्ट तैयार किए जाएं।

भ्रमण के दौरान उप संचालक उद्यानिकी एच.एल. निमोरिया सहित विभाग के अन्य अधिकारी और ग्रामीण विस्तार अधिकारी उपस्थित रहे।