सिंगरौली में बढ़ेगी किसानों की आय: टमाटर पाउडर और ओट्स मील जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू, कलेक्टर ने दिए निर्देश

सिंगरौली में बढ़ेगी किसानों की आय: टमाटर पाउडर और ओट्स मील जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू, कलेक्टर ने दिए निर्देश


डिजिटल सिंगरौली न्यूज़ डेस्क: सिंगरौली जिले के किसानों को अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ 'स्मार्ट और वैल्यू एडेड' फार्मिंग से जोड़ा जाएगा। कलेक्टर श्री गौरव बैनल की अध्यक्षता में आयोजित वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक में जिले के कृषि परिदृश्य को बदलने के लिए एक महत्वाकांक्षी कार्ययोजना तैयार की गई है।

दलहन, तिलहन और दुग्ध उत्पादन पर विशेष जोर

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सिंगरौली की भौगोलिक स्थिति हर प्रकार की फसल के लिए अनुकूल है। उन्होंने निर्देश दिए कि:

  • जागरूकता अभियान: किसानों को दलहन, तिलहन, सब्जी और दुग्ध उत्पादन के लिए प्रेरित किया जाए।
  • प्राकृतिक खेती: रसायनों के बजाय प्राकृतिक खेती की उन्नत तकनीकों का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार हो।
  • कीट प्रबंधन: फसलों को रोगों से बचाने के लिए समय पर वैज्ञानिक सलाह उपलब्ध कराई जाए।

लोकल ब्रांडिंग: पनीर, घी और टमैटो पाउडर

कलेक्टर ने जिले में फसल विविधीकरण (Crop Diversification) और वैल्यू एडिशन पर जोर देते हुए नए प्रोजेक्ट्स के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषक उत्पादक संगठनों (FPO) के माध्यम से:

  • ओट्स मील और टमैटो पाउडर बनाने की इकाइयां लगाई जाएं।
  • जिले के लोकल ब्रांड का पनीर और घी बाजार में उतारा जाए।
  • इन सभी प्रोजेक्ट्स में स्व-सहायता समूह की महिलाओं को अनिवार्य रूप से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए।

बायोफोर्टिफाइड फसलें और मातृ स्वास्थ्य

एक अभिनव पहल के तहत, अब जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बायोफोर्टिफाइड (जस्ता/जिंक युक्त) सब्जियां और फसलें उगाई जाएंगी। इसका उद्देश्य कुपोषण को दूर करना और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार लाना है। इसके लिए युवा और महिला किसानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

समन्वय से मिलेगी सफलता

वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. जय सिंह ने बैठक में खरीफ-रबी फसलों और मत्स्य पालन की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। बैठक के अंत में कलेक्टर ने कृषि, उद्यानिकी, पशु चिकित्सा और मत्स्य विभाग को आपस में समन्वय बनाकर कार्य करने को कहा।

उपस्थिति: बैठक में जिला पंचायत सीईओ जगदीश गोमे, उप संचालक कृषि अजीत सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।