बोर्ड परीक्षा मिशन 2026: कलेक्टर ने प्राचार्यों को दिया 'बेहतर परिणाम' का मंत्र, बोले- बच्चों पर न डालें दबाव

बोर्ड परीक्षा मिशन 2026: कलेक्टर ने प्राचार्यों को दिया 'बेहतर परिणाम' का मंत्र, बोले- बच्चों पर न डालें दबाव


डिजिटल सिंगरौली न्यूज़ डेस्क: सिंगरौली जिले के हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षा परिणामों को पिछले साल से बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला पंचायत सभागार में आयोजित बैठक में कलेक्टर श्री गौरव बैनल ने प्राचार्यों को स्पष्ट रणनीति के साथ काम करने के निर्देश दिए।

कमजोर छात्रों के लिए रेमेडियल क्लास और 'उड़ान-निखार' प्रोजेक्ट

  • कलेक्टर ने उन स्कूलों की विशेष समीक्षा की जिनका परिणाम पिछले वर्ष संतोषजनक नहीं था। उन्होंने निर्देश दिए कि:
  • विषयवार वर्गीकरण: कमजोर छात्रों को चिन्हित कर उनके लिए रेमेडियल (उपचारात्मक) क्लास लगाई जाएं।
  • प्रोजेक्ट उड़ान और निखार: छात्रों को पिछले 3 वर्षों के प्रश्न पत्रों का अभ्यास कराया जाए।
  • डाउट क्लियरिंग: नियमित रूप से छात्रों की शंकाओं के समाधान के लिए सत्र आयोजित हों।
  • अभिभावकों से संपर्क: अनुपस्थित रहने वाले छात्रों के पालकों से बात कर उन्हें स्कूल भेजने हेतु प्रेरित करें।
  • नाबालिग छात्रों से काम कराने वालों पर होगी FIR

बैठक में चितरंगी के बगदरा प्राचार्य ने बताया कि कुछ छात्र दूसरे राज्यों में काम करने चले गए हैं। कलेक्टर ने इसे गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए कि नाबालिगों को काम पर ले जाने वाले ठेकेदारों और व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई का प्रस्ताव भेजें।

चितरंगी की तुलना में देवसर के परिणाम कम, निगरानी के निर्देश

कलेक्टर ने पाया कि देवसर ब्लॉक का प्रदर्शन चितरंगी से कम रहा है। उन्होंने शिक्षा विभाग की टीम को उन स्कूलों पर विशेष निगरानी रखने को कहा है जिनका ग्राफ नीचे है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस वर्ष सिंगरौली के छात्र बोर्ड मेरिट लिस्ट में जगह बनाएंगे।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ जगदीश गोमे, जिला शिक्षा अधिकारी एसबी सिंह और डीपीसी आर.एल. शुक्ला सहित सभी प्राचार्य उपस्थित रहे।