डिजिटल सिंगरौली न्यूज़ डेस्क:सिंगरौली जिले में फ्लाई-ऐश (राखड़) के अवैध डंपिंग और परिवहन नियमों के उल्लंघन पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर श्री गौरव बैनल की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में पाऊसन इंडस्ट्री द्वारा किए गए अवैध डंपिंग पर गहरी नाराजगी जताते हुए कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
अवैध डंपिंग पर संयुक्त जांच के आदेश
बैठक में बैढ़न-बरगवां मार्ग पर बिखरी राख और बरगवां बाईपास स्थित एमपीआईडीसी (MPIDC) के प्लॉट में किए गए अवैध डंपिंग का मुद्दा गरमाया रहा। कलेक्टर ने खनिज, राजस्व, एमपीआईडीसी और प्रदूषण नियंत्रण विभाग की संयुक्त टीम को निर्देश दिए हैं कि:
- अगले 24 घंटे (एक दिवस) के भीतर अवैध डंपिंग मामले की जांच कर रिपोर्ट पेश करें।
- जिले के सभी फ्लाई-ऐश डंपिंग साइटों की सघन जांच की जाए।
- नियमों का उल्लंघन मिलने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित विभाग कंपनी के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई करें।
राखड़ प्रबंधन में आधुनिक तकनीक का होगा उपयोग
कलेक्टर ने औद्योगिक कंपनियों के प्रतिनिधियों को राखड़ प्रबंधन के लिए पुरानी पद्धतियों को छोड़कर नई तकनीक अपनाने के निर्देश दिए:
- ऑटोमेशन: डंपिंग साइटों पर सेमी-ऑटोमैटिक और ऑटोमैटिक तिरपाल सिस्टम का उपयोग अनिवार्य करें।
- लीकेज की जांच: परिवहन में लगे बल्कर वाहनों की नियमित जांच हो ताकि सड़कों पर राख न गिरे।
- क्लीन अनलोडिंग: मैन्युअल अनलोडिंग की जगह 'कंप्रेस्ड एयर अनलोडिंग' विधि का उपयोग किया जाए।
पर्यावरण और जल संरक्षण पर जोर
कलेक्टर ने हिदायत दी कि डंपिंग साइट का चयन करते समय वहां के भू-विज्ञान और जल-विज्ञान (Hydrology) का विश्लेषण जरूर किया जाए। यह सुनिश्चित करना कंपनियों की जिम्मेदारी है कि भविष्य में डंपिंग के कारण आसपास के क्षेत्रों में जल भराव या जल प्रदूषण की समस्या उत्पन्न न हो।
बैठक में उपस्थिति: बैठक के दौरान खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल, प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी रतिपाल ठाकुर, एमपीआईडीसी से आर.के सिंह सहित विभिन्न औद्योगिक कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
