डिजिटल सिंगरौली न्यूज़ डेस्क;जिले के सरई थाना क्षेत्र अंतर्गत अमहाटोला की सरकारी उचित मूल्य दुकान में गरीबों के राशन में सेंधमारी करने वाले विक्रेता के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है। कलेक्टर श्री गौरव बैनल के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई के बाद आरोपी विक्रेता अनिल सिंह के विरुद्ध धोखाधड़ी और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कलेक्टर तक पहुँची थी ग्रामीणों की शिकायत
स्थानीय ग्रामीणों ने कलेक्टर को अवगत कराया था कि उन्हें समय पर और निर्धारित मात्रा में राशन नहीं मिल रहा है। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने आपूर्ति विभाग को तत्काल जांच के आदेश दिए थे। 8 अप्रैल को जब टीम मौके पर पहुंची, तो राशन की कालाबाजारी का बड़ा खुलासा हुआ।
स्टॉक में भारी अंतर: ₹72 हजार से अधिक का गेहूं गायब
आपूर्ति विभाग की जांच और भौतिक सत्यापन में पीओएस (POS) मशीन और दुकान में रखे वास्तविक राशन में जमीन-आसमान का अंतर मिला:
- रिकॉर्ड के अनुसार: दुकान में 47.05 क्विंटल गेहूं होना चाहिए था।
- वास्तविक स्थिति: मौके पर मात्र 16 क्विंटल गेहूं ही मिला।
- गबन: कुल 31.05 क्विंटल गेहूं गायब पाया गया, जिसकी बाजार कीमत लगभग ₹72,967.50 आंकी गई है।
हितग्राहियों ने भी खोले राज
जांच के दौरान सुरेश साकेत, लल्लू सिंह और मनमोहन रजक सहित कई हितग्राहियों ने बयान दर्ज कराए। उन्होंने बताया कि उन्हें फरवरी से अप्रैल 2026 तक का राशन प्राप्त ही नहीं हुआ है, जबकि रिकॉर्ड में हेराफेरी की जा रही थी।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी चंद्रमणि द्विवेदी की शिकायत पर सरई थाना पुलिस ने विक्रेता अनिल सिंह (निवासी शिवगढ़) के विरुद्ध:
- भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 316(3) (न्यास भंग/गबन)
- आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 एवं 7
के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। कलेक्टर ने सख्त हिदायत दी है कि गरीबों के राशन में गबन करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
