डिजिटल सिंगरौली न्यूज़ डेस्क:कलेक्टर श्री गौरव बैनल की नई व्यवस्था का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सिंगरौली सहित जिले के सभी उपखंडों (ब्लॉक्स) में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय पर कलेक्टर ने स्वयं 325 आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कई मामलों का मौके पर ही निपटारा किया।
बिजली और पानी की समस्याओं पर तुरंत एक्शन
जनसुनवाई के दौरान ग्रामीण अंचलों से आए नागरिकों ने बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी मांगें रखीं:
- विद्युत आपूर्ति: ग्राम पंचायत जीर (करौटी टोला) के किसानों ने नए बिजली पोल और ट्रांसफार्मर की मांग की ताकि खेती के लिए सुचारू सिंचाई हो सके।
- पेयजल संकट: अमलोरी बसंत विहार (कृष्ण विहार) के निवासियों ने 22 परिवारों के लिए हैंडपंप खनन की मांग की। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को इन शिकायतों के त्वरित परीक्षण और निराकरण के निर्देश दिए।
- संबल योजना: ग्राम पिपराखाड़ की रमलिया देवी ने पति की मृत्यु के बाद संबल योजना के लाभ हेतु आवेदन दिया, जिस पर कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई हेतु निर्देशित किया।
ब्लॉक स्तर पर भी मिली बड़ी राहत
कलेक्टर के पिछले सप्ताह के आदेश के बाद पहली बार उपखंडों में प्रभावी जनसुनवाई हुई, जिससे दूर-दराज के ग्रामीणों को बैढ़न आने की जरूरत नहीं पड़ी:
- देवसर: एसडीएम अखिलेश सिंह ने स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को सुना।
- चितरंगी: एसडीएम सौरभ मिश्रा ने कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया।
- माड़ा: एसडीएम नंदन तिवारी द्वारा जनसुनवाई कर आवेदकों को राहत पहुंचाई गई।
इस नई विकेंद्रीकृत व्यवस्था से न केवल जिला मुख्यालय पर भीड़ कम हुई है, बल्कि नागरिकों के समय और पैसे की भी बचत हो रही है।
अधिकारियों को समय सीमा में काम करने की हिदायत
कलेक्टर ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन आवेदनों का निराकरण मौके पर नहीं हो सका है, उनका निर्धारित समय सीमा के भीतर परीक्षण कर समाधान सुनिश्चित करें। बैठक में जिला पंचायत सीईओ जगदीश गोमे, एसडीएम सुरेश जाधव सहित अन्य जिलाधिकारी उपस्थित रहे।
